जीवन परिवर्तन का एक सरल उदाहरण

दृढ इच्छाशक्ती तथा अथक परिश्रम करने की मानसिक तय्यारी के सहारे रिवा, मध्य प्रदेश के रहनेवाले नंदलाल सिंह जी ने अपना जीवन परिवर्तीत कर दिया |

किसी समय दिहाडी मजदूरी करनेवाले नंदलाल सिंह जी को सहायता मिली पी. एम. ई. जी. पी. (प्राईम मिनिस्टर एम्प्लायमेंट जनरेशन प्रोग्राम) तथा  यू. बी. – आर. एस. ई. टी. आय. (यूनायटेड बैंक – रूरल सेल्फ एम्प्लायमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) की तरफ से |

पी. एम. ई. जी. पी. द्वारा प्राप्त अर्थसाहाय्य (स्टील फैब्रिकेशन इकाई के लिए २०,००,०००० रू. की मंजूरी) तथा  यूबी आर. एस. ई. टी. आई, रीवा से ई. डी. पी. (आंत्रप्रनरशिप डिव्हेलपमेंट प्रोग्राम) के प्रशिक्षण के साथ आज नंदलालजी की “माँ दुर्गा आयरन और स्टील फैब्रिकेशन” के नाम से इकाई स्थापित है | प्रतिमाह लगभग रु. ५०,००० की कमाई है |

आज नंदलालजी उन्हे प्राप्त सहाय्यता तथा प्रशिक्षण के लिए, दोनो संस्थाओ के प्रति आभार दर्शाते है |

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